जयपुर में बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो के नए रूट का रास्ता साफ हो गया है। JDA ने वन विभाग की जमीन लेकर बदले में दौलतपुरा में जमीन अलॉट कर दी है। बड़ी चौपड़ के नीचे बनने वाला यह स्टेशन शहर की भीड़ को कम करेगा। आगे पढ़िए रूट क्या रहेगा और कहां-कहां स्टेशन बनेंगे।
हिन्द न्यूज | जयपुर | 29 जनवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली

जयपुर: गुलाबी नगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली जयपुर मेट्रो अब अपनी पुरानी सीमाओं को लांघकर ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंचने के लिए तैयार है। जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की हालिया बैठक ने इस विस्तार की सबसे बड़ी बाधा यानी ‘जमीन’ की गुत्थी सुलझा ली है। अब मेट्रो फेज-1C के ट्रैक पर रफ्तार भरने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
जमीन के बदले जमीन, JDA का मास्टर स्ट्रोक
मंगलवार को हुई भूमि एवं संपत्ति निस्तारण समिति की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। मेट्रो फेज-1C के अलाइनमेंट में आ रही 7700 वर्ग मीटर वन विभाग की जमीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई। बदले में, JDA ने वन विभाग को आमेर तहसील के दौलतपुरा गांव में 2.01 हेक्टेयर जमीन अलॉट करने का निर्णय लिया है। इस ‘लैंड स्वैप’ डील के साथ ही कॉरिडोर निर्माण में आ रही कानूनी अड़चनें दूर हो गई हैं।
बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर: अंडरग्राउंड होगा सफर
मेट्रो का यह नया फेज-1C मौजूदा 11.97 किलोमीटर लंबी ‘पिंक लाइन’ का विस्तार है। यह 2.85 किलोमीटर लंबा रूट बड़ी चौपड़ से शुरू होकर रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगा। इस रूट की खासियत यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड होगा, जबकि 0.59 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में दिखेगा।
रामगंज को मिलेगा स्टेशन, 2027 का लक्ष्य
इस नए रूट पर रामगंज चौपड़ में एक शानदार अंडरग्राउंड स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर में एक एलिवेटेड स्टेशन बनेगा। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की ओर से सितंबर 2023 में शिलान्यास किए गए इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि अप्रैल 2027 तक यह रूट आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे पुराने शहर के ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। इसके साथ ही, समिति ने चाकसू में सरकारी स्कूल के लिए भी जमीन आवंटित कर विकास को नई दिशा दी है।

