हिन्द न्यूज | UGC | 30 जनवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाए रखने से जुड़े नए नियमों पर रोक लगा दी. कोर्ट ने कहा कि नए नियम ऐसे महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं, जिन्हें अनदेखा किया गया तो इसके ‘बहुत दूरगामी परिणाम’ हो सकते हैं और ये ‘समाज को विभाजित’ कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने नए नियमों को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि ‘2026 के रेग्युलेशन को स्थगित रखा जाएगा’. पिछले कुछ हफ़्तों से इन नियमों का देश के कई इलाक़ों और यूनिवर्सिटी में विरोध हो रहा था. ऐसा माना जा रहा है कि विरोध करने वाले ज़्यादातर लोग सामान्य वर्ग के थे.
भारत में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को नए रेग्युलेशन जारी किए थे.
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहली नज़र में ऐसा लगता है कि विवादित रेग्युलेशन के कुछ प्रावधान अस्पष्ट हैं और उनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले को 19 मार्च को तीन जजों की बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए.
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सरकार से मौखिक रूप से यह भी कहा कि उसे इस मुद्दे के समाधान के लिए क़ानून के प्रतिष्ठित जानकारों की एक समिति गठित करनी चाहिए.


