ईरान में विरोध प्रदर्शनों को रूस, चीन और इसराइल की मीडिया में कैसे देखा जा रहा है?
हिन्द न्यूज | ईरान | 10 जनवरी 2026 | पोटेड बाइ – जाहिद अली

लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन
ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार रात विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर आयोजित प्रदर्शनों के साथ 14वें दिन में प्रवेश कर गए.
दो मानवाधिकार समूहों के अनुसार, सरकार विरोधी प्रदर्शनों में पिछले दो हफ्तों में देशभर में 48 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. ईरान के कई शहरों में इंटरनेट सेवा बंद है.
पश्चिमी देशों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर ईरानी सरकार की कार्रवाइयों की निंदा की है.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ताज़ा टिप्पणी में ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वो प्रदर्शनकारियों को मारना शुरू करती है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा, “हम उन्हें वहीं करारा प्रहार करेंगे जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है. और इसका मतलब (ईरान में) सैन्य उपस्थिति नहीं है, इसका मतलब है उन पर वहीं बहुत करारा प्रहार करना जहां उन्हें सबसे ज़्यादा तकलीफ़ होती है.”
जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने इन प्रदर्शनों को ‘ट्रंप को ख़ुश करने वाला’ बताया और ट्रंप की तुलना एक तानाशाह से की है.

ईरान में शुक्रवार को मशहद में हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के हाथ में इस्लामिक गणराज्य के झंडे की जगह शेर और सूर्य की तस्वीरों वाला झंडा साफ़ देखा गया.
ईरान में जारी प्रदर्शनों की ख़बरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में है और इसराइल में इन प्रदर्शनों को बहुत दिलचस्पी से देखा जा रहा है.

