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ब्रिटेन को मिल सकती है पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री! एपस्टीन कांड में फंसे कीर स्टारमर, शबाना महमूद रेस में सबसे आगे |

ब्रिटेन को पहली महिला मुस्लिम प्रधानमंत्री मिल सकती है। ऐसी अटकलें प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के एपस्टीन फाइल में फंसने के कारण हो रहा है। हाल में ही पीएम स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है। इससके बाद स्टारमर पर भी इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है।

हिन्द न्यूज | देश – विदेश | 10 फरवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली

लंदन: एपस्टीन केस में फंसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि, उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और इस्तीफा नहीं देंगे। इस बीच सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर उनकी स्थिति अस्थिर हो जाती है तो लेबर पार्टी का नेतृत्व कौन कर सकता है। जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें गृह सचिव शबाना महमूद का नाम भी शामिल है, जिन्हें पार्टी के कुछ लोग संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देख रहे हैं। अगर वह इस शीर्ष पद पर पहुंचती हैं, तो वह यूनाइटेड किंगडम की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन जाएंगी।

शबाना महमूद कौन हैं?

शबाना महमूद पेशे से वकील हैं और प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री स्टारमर के विश्वासपात्र नेताओं में शामिल हैं। वह 45 साल की हैं। लेबर पार्टी में उन्हें एक प्रभावी वक्ता और पार्टी के दक्षिणपंथी खेमे से जुड़ी एक राजनेता के रूप में देखा जाता है। शबाना महमूद का जन्म बर्मिंघम में हुआ था, हालांकि उनके माता-पिता पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर के रहने वाले हैं। शबाना महमूद ने ऑक्सफोर्ड के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की है। उन्होंने 2002 में ग्रेजुएशन किया था और अगले साल वोकेशनल कोर्स करने के बाद बैरिस्टर के तौर पर क्वालिफाई किया।

शबाना महमूद का राजनीतिक जीवन

शबाना महमूद पहली बार 2010 में ब्रिटिश संसद के लिए चुनी गईं। वह उन चंद मुस्लिम महिलाओं में से एक थीं, जो लेबर पाटी के टिकट पर बतौर सांसद जीतकर पहुंची थीं। 2025 में लेबर सरकार बनने पर वह सीमा नियंत्रण, इमिग्रेशन पॉलिसी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हाई प्रोफाइल मामलों की मंत्री बनी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में माइग्रेशन पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्थायी निवास को “अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार” बताया है। हालांकि, लेबर पार्टी में उनकी कई योजनाओं को लेकर एक राय नहीं हैं।

स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा

बता दें कि रविवार को ही ब्रिटिश पीएम के सबसे करीबी सलाहकार और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया। मैकस्वीनी, जो स्टार्मर की 2024 की चुनावी जीत के मुख्य वास्तुकार माने जाते थे, ने बयान में कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति ‘गलत’ थी और इससे पार्टी, देश और राजनीति को गहरा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने अपनी सलाह की पूरी जिम्मेदारी ली और इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा ऐसे समय दिया गया जब विदेश मंत्रालय ने मैंडेलसन को दिए जाने वाले निकास भुगतान (सेवा समाप्ति भुगतान) की समीक्षा शुरू कर दी है। पिछले सितंबर में स्टार्मर ने एपस्टीन से दोस्ती के कारण मैंडेलसन को राजदूत पद से बर्खास्त कर दिया था।

 

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