पेंशन की तरह घर बैठे 51000 रुपये की मंथली ‘रंगदारी’, 20 साल से वसूली में लगी थी इस शख्स की गैंग

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Jaipur Crime News : जयपुर पुलिस ने प्राइवेट बसों से अवैध वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया, जिसमें गैंग के सरगना किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। किशन सिंह, जो करधनी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, हर महीने 51,000 रुपए वसूली लेता था। गैंग के अन्य सदस्य भगवान सिंह, श्याम वीर सिंह, सुरेंद्र सिंह और दिलीप सिंह भी गिरफ्तार हुए।

जयपुर : जयपुर पुलिस ने हाल ही में प्राइवेट बसों से अवैध वसूली करने वाली गैंग का खुलासा किया था। यह गैंग प्रदेश के विभिन्न शहरों से जयपुर तक आने जाने वाली बसों से प्रतिदिन 50 से 100 रुपए वसूलती थी। वसूली नहीं देने पर वाहनों में तोड़फोड़ की जाती थी। इस गैंग के चार सदस्यों को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। अब एक और सरगना की गिरफ्तारी हुई है जो घर बैठे प्रति माह 51,000 रुपए की वसूली लेता था। इस शख्स का नाम है किशन सिंह जो जयपुर के करधनी थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।

20 साल पहले शुरू की थी वसूली

वसूली गैंग का सरगना किशन सिंह चुरू जिले के लदासर का रहने वाला है। करीब 20 साल पहले किशन ने ही प्राइवेट बस संचालकों से अवैध वसूली शुरू की थी। करीब 10 साल तक वह खुद अपने गुर्गों के साथ बस चालकों और परिचालकों को धमकियां देकर वसूली करता था। उम्र बढने के बाद उसने इस अवैध वसूली के धंधे को ठेके पर दे दिया। नागौर निवासी भगवान सिंह को वसूली का काम सौंप दिया। इसकी एवज में वह भगवान सिंह से हर महीने 51,000 रुपए लेता था।

अवैध वसूली से एकत्रित किए गए रुपयों से किशन सिंह ने जयपुर में अपना मकान तक बना लिया। वसूली के काम को ठेके पर दिए जाने के बाद उसने हर महीने तीन किस्तों में रुपए लेना शुरू कर दिया था। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार का कहना है कि आरोपी किशन सिंह अपने साथी भगवान सिंह से हर 10 दिन में 17,000 रुपए की नकदी लेता था। पिछले दिनों पुलिस ने इस वसूली गैंग का स्टिंग ऑपरेशन करते हुए भंडाफोड़ किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में भगवान सिंह, श्याम वीर सिंह, सुरेंद्र सिंह और दिलीप सिंह शामिल है। इन चारों आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद ही किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। वसूली का एक और आरोपी बिजेंद्र सिंह फिलहाल फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपी भगवान सिंह के बैंक खाते खंगाले तो उनमें पिछले करीब एक साल में डेढ करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन मिला था।

आरोपी किशन सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2005 में अवैध वसूली का अवैध धंधा शुरू किया था। वर्ष 2016 तक वह खुद वसूली करता था। बाद में बीमार होने पर उसने वसूली का काम ठेके पर दे दिया। नागौर निवासी भगवान सिंह और बिजेंद्र सिंह को वसूली का ठेका दे दिया था। वर्ष 2017 से भगवान सिंह और बिजेंद्र सिंह वसूली करते थे। जयपुर के चौमू पुलिया के पास तीन शिफ्ट में वसूली करने वालों की ड्यूटी लगाई जाती थी। प्रत्येक प्राइवेट बस संचालक से 50 या 100 रुपए लिए जाते थे। जानकारी के मुताबिक चौमू पुलिया से करीब 700 से ज्यादा प्राइवेट बसें प्रतिदिन गुजरती है। इस सभी बसों के चालकों या परिचालकों से चौथ वसूली की जाती थी।
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Author: Hind News Tv

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