जयपुर में नो योर आर्मी प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत की कहानी बयां कर रही है.
हिन्द न्यूज | जयपुर | 9 जनवरी 2026
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जयपुर : रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को साकार करती हुई तस्वीर जयपुर में आयोजित नो योर आर्मी प्रदर्शनी में सार्थक होती हुई नजर आई. इस दौरान यहां स्वदेशी हथियार और भारतीय सेना के लिए कई मोर्चे पर काम आने वाले वाहन और उपकरण भी प्रदर्शित किए गए. इन दोनों इंडियन आर्मी जिन इक्विपमेंट की मदद से आधुनिक बनने के साथ-साथ मुश्किल हालात और कठिन मोर्चे पर दुश्मन से लोहा लेने में सक्षम है. सेना की इसी तरह की क्षमता से इस प्रदर्शनी के जरिए आम जनता को रूबरू होने का मौका मिला है. जयपुर के लिए खास बात यह है कि इनमें से कुछ यह है कि इनमें से कुछ चीज राजस्थान की राजधानी में तैयार हुई है. फिलहाल भारतीय सेना की पैरा ब्रिगेड इनका इस्तेमाल कर रही है.
क्रूशना एक मानव रहित ग्राउंड व्हीकल : भवानी निकेतन ग्राउंड पर आयोजित हथियारों की प्रदर्शनी के बीच ईटीवी भारत मानव रहित ग्राउंड व्हीकल क्रूशना के काउंटर पर पहुंचा और इसकी खासियत को समझा. उन्होंने बताया कि इस मानव रहित यूजीवी (अनमेन ग्राउंड व्हीकल ) क्रूशना को पूरी तरह से जयपुर में तैयार किया गया है, जो आज इंडियन आर्मी के सपोर्ट सिस्टम के रूप में पहचाना जा रहा है. इसकी खासियत यह है कि यह हाई एल्टीट्यूड तक भारी हथियार और फौजी के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स ले जाने में सक्षम है. इसकी एक और विशेषता यह है कि इस पर एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम को भी इंस्टॉल किया जा सकता है, जो युद्ध के दौरान मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में देश की सुरक्षा के लिए अहम कड़ी साबित हो सकता है.
अनमैनड ग्राउंड व्हीकल (UGV) ‘क्रूशना’ भारतीय सेना के लिए विकसित एक आधुनिक रोबोटिक वाहन है, जिसे खासतौर पर जोखिम भरे इलाकों में सैनिकों की सुरक्षा और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

जेना मानव रहित ग्राउंड व्हीकल : भारतीय सेना को समझने के लिए लगाई गई प्रदर्शनी के दौरान जयपुर में ही तैयार ज़ेना यूजीवी भी दुश्मन के छक्के छुड़ाने में पीछे नहीं है. आतंकवाद निरोधी अभियान के दौरान इन दिनों इसका इस्तेमाल काफी हो रहा है. इस पर फायरिंग करने वाले छोटे हथियारों को आसानी से इंस्टॉल किया जा सकता है. जो किसी इमारत में छिपे आतंकवादियों से निपटने के लिए रोबोट की तर्ज पर काम करता है और देश के जांबाज वीर सपूतों की राह आसान बनाता है. इन्हें रिमोट की मदद से आसानी से हैंडल करते हुए मुश्किल हालात के बीच इस्तेमाल किया जाता है.

अनमैनड ग्राउंड व्हीकल (UGV) ‘ज़ेना’ भारतीय सेना के लिए विकसित एक अत्याधुनिक रोबोटिक प्लेटफॉर्म है, जिसे खतरनाक और संवेदनशील अभियानों में जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

जयपुर में तैयार हो रहा है यूजीवी हब : क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बने यूजीवी कुछ तैयार करने के लिए जयपुर में हब बन रहा है. राइजिंग राजस्थान के दौरान निवेशकों को आकर्षित करते हुए राजधानी जयपुर के लिए यह पड़ाव आने वाले वक्त में अहम साबित होगा. यूजीवी हब में तैयार इन सभी रोबोट आधारित मशीनों को पैराशूट की मदद से ऑपरेशन वाली जगह पर उतर जाता है. मानव रहित होने के कारण बिना किसी नुकसान के यह व्हीकल अपना टारगेट पूरा करने में कामयाब रहते हैं. उन्होंने बताया कि जिस तरह से आज के दौर में वॉर सिस्टम मशीन टू मशीन आधारित हो रहा है, ऐसे हालात के बीच भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में इनका अहम रोल रहने वाला है.


