STT Hike on Derivatives: बाजार के दिग्गज शंकर शर्मा ने डेरिवेटिव्स पर STT बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है, इसे बजट का सकारात्मक कदम बताया। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल F&O ट्रेडिंग तक सीमित है और इसका उद्देश्य अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकना है, जिससे छोटे खुदरा निवेशकों को नुकसान होता है।
हिन्द न्यूज | ताज़ा खबरे | 2 फरवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली

बाजार के दिग्गज शंकर शर्मा ने सरकार के डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे यूनियन बजट 2026-27 का एक बड़ा सकारात्मक कदम बताया है। बजट की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए जीक्वांट इन्वेस्टेक (GQuant Investech) के संस्थापक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस पहल की सराहना की।
शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया। इसमें लिखा, ‘मुझे यह बजट एक बड़ी वजह से पसंद आया है: डेरिवेटिव्स पर STT में बढ़ोतरी। डेरिवेटिव्स एक जहर गुणा कोकीन हैं, जो हमारे युवाओं की जड़ों को खा रहे हैं। इसका विनाशकारी प्रभाव पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। यह शुद्ध रूप से व्यापारियों से F&O स्पेशलिस्ट ब्रोकर्स के बीच वेल्थ ट्रांसफर है, जो इस ड्रग + गन ट्रेड के बड़े विजेता रहे हैं। (उनकी गलती नहीं)। F&O भारत में कोई मूल्य नहीं जोड़ता है। यह अमूल्य मूल्य घटाता है। इसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन, इसे बुरी तरह से टैक्स किया जा सकता है। वित्त मंत्री को बधाई।’
सिर्फ F&O ट्रेडिंंग तक सीमित है एसटीटी
केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा है कि STT में यह बढ़ोतरी केवल फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग तक ही सीमित है। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने साफ किया कि बाजार के अन्य सभी सेगमेंट में STT की दरें अपरिवर्तित रहेंगी। यानी उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। रविवार को बजट के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग में श्रीवास्तव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य डेरिवेटिव्स बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकना है। उन्होंने कहा, ‘जब आप फ्यूचर्स और ऑप्शंस में लेनदेन की मात्रा को देखते हैं – चाहे वह जीडीपी के मुकाबले हो या अंतर्निहित प्रतिभूति बाजार के आकार के मुकाबले – यह काफी हद तक भारी सट्टेबाजी के दायरे में है। इससे अक्सर छोटे खुदरा निवेशकों को नुकसान होता है।’
क्या है सरकार की मंशा?
अरविंद श्रीवास्तव ने आगे कहा कि इसका उद्देश्य सट्टेबाजी वाले व्यवहार को हतोत्साहित करना और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग की तेज बढ़ोतरी से उत्पन्न होने वाले प्रणालीगत जोखिमों को कम करना है। श्रीवास्तव ने बताया, ‘दर में बढ़ोतरी अनिवार्य रूप से उसी दिशा में है। बढ़ोतरी के बाद भी हो रहे लेनदेन की भारी मात्रा की तुलना में STT दरें मामूली रहेंगी।’
बाजार नियामक सेबी की ओर से किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि इक्विटी F&O सेगमेंट में दस में से नौ इंडिविजुअल ट्रेडर लगातार नुकसान उठाते हैं। यह आंकड़ा डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में शामिल जोखिमों को उजागर करता है, खासकर खुदरा निवेशकों के लिए।
वित्त मंत्रालय का मानना है कि डेरिवेटिव्स में भारी सट्टेबाजी से खुदरा निवेशकों को नुकसान होता है। लिहाजा, STT में बढ़ोतरी करके सरकार ऐसे सट्टेबाजी वाले व्यवहार को कम करना चाहती है। यह कदम बाजार में स्थिरता लाने और खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। राजस्व सचिव ने यह भी साफ किया कि यह बढ़ोतरी केवल F&O सेगमेंट पर लागू होती है। अन्य मार्केट सेगमेंट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

