जंग और डिप्लोमेसी की आशंकाओं के बीच झूलते ईरान के अंदर क्या चल रहा है ?
हिन्द न्यूज | 28 फरवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली

ईरान के कई शहरों में बहुत से लोगों की रातों की नींद ग़ायब हो गई है और उनके दिन चिंता में गुज़र रहे हैं, क्योंकि वहाँ लगातार ये कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिकी मिलिट्री का हमला होने वाला है.
ख़ासकर कुछ युवा लोग प्लेन और शिप-ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म को बहुत ज़्यादा चेक कर रहे हैं. कुछ लोग बाहरी दख़ल से डरे हुए हैं, तो कुछ चुपचाप या खुले तौर पर इसकी उम्मीद कर रहे हैं कि देश पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि क़रीब दो महीने पहले देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को हिंसक तरीके़ से दबाया गया था.
कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि ईरान पर बाहरी दबाव से सत्ता का संतुलन बदल सकता है. लेकिन यह उम्मीद तब कम हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डिप्लोमेटिक बातचीत की ओर मुड़ते दिखे.
ट्रंप ने पहले प्रदर्शनकारियों को “आंदोलन करते रहने” के लिए बढ़ावा दिया था और वादा किया था कि “मदद पहुंच रही है.”

ईरान के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताज़ा बयान में कहा, “हमें एक बड़ा फ़ैसला लेना है, जो आसान नहीं है. इसके बदले मैं शांति के रास्ते यह काम करना चाहता हूँ. लेकिन मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि ये बहुत ख़तरनाक और मुश्किल लोग हैं.”
ईरान में अनिश्चितता का दौर जारी

ईरान में अनिश्चितता का दौर जारी
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों की संख्या पर अभी भी काफ़ी बहस चल रही है. अमेरिका की ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन एचआरएएनए की रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रदर्शनों के दौरान 7,007 लोग मारे गए हैं, और हज़ारों मामलों की अभी भी जांच चल रही है.
यह ईरान के 3,117 लोगों के मारे जाने के आधिकारिक आंकड़े से कहीं ज़्यादा है और इस कार्रवाई के बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी न होने का संकेत देता है.

