Jaipur: मुकुंदरा में फिर गूंजी बाघिन की दहाड़! MP से आई नई टाइग्रेस |
हिन्द न्यूज | 28 फरवरी 2026 | पोस्टेड बाइ – जाहिद अली
Rajasthan News: कोटा के मुकुंदरा हिल्स में बांधवगढ़ से लाई गई बाघिन को सफलतापूर्वक छोड़ा गया है. ओम बिरला के प्रयासों से हुए इस सफल ट्रांसलोकेशन के बाद मुकुंदरा में बाघों की संख्या 4 हो गई है. जी मीडिया ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी.

Mukundra Hills Tiger Reserve in Kota:
राजस्थान के वन्यजीव प्रेमियों के लिए आज का दिन उत्सव जैसा है. कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) में एक नई बाघिन की एंट्री हो गई है. जी मीडिया ने 22 दिसंबर को ही इसके संकेत दे दिए थे और आज उस खबर पर आधिकारिक मुहर लग गई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरंतर प्रयासों और ‘इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन’ प्रोग्राम के तहत मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ से इस बाघिन को सुरक्षित राजस्थान लाया गया है.
सड़क मार्ग से कोटा पहुंची टाइग्रेस
आमतौर पर बाघों को एयरलिफ्ट किया जाता है, लेकिन इस 3 वर्षीय बाघिन को विशेष सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से बांधवगढ़ (MP) से कोटा लाया गया. बता दें कि शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे बाघिन को मुकुंदरा की झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ा गया. विशेषज्ञों की एक टीम 24 घंटे बाघिन के व्यवहार और स्वास्थ्य पर नजर रखेगी. रेडियो कॉलर के जरिए उसकी हर गतिविधि को मॉनिटर किया जा रहा है.

मुकुंदरा में बाघों का कुनबा हुआ चार
इस नई बाघिन के आने से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 4 हो गई है. वन्यजीव विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश या महाराष्ट्र से 3 और बाघिनों को राजस्थान के अलग-अलग रिजर्व में लाने की योजना है.
क्यों जरूरी है इंटर-स्टेट बाघों का तबादला ?
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (CWLW) केसीए अरुण प्रसाद की देखरेख में चल रहे इस मिशन के कई दूरगामी फायदे हैं-
- जेनेटिक मजबूती- अलग-अलग राज्यों के बाघों के मिलने से आनुवंशिक विविधता (Heterozygosity) बढ़ती है.
- आबादी विस्तार- राजस्थान के टाइगर रिजर्व में बाघों की एक सक्षम और लंबी आबादी सुनिश्चित होती है.
- इनब्रीडिंग का खतरा कम- इससे ‘जेनेटिक बॉटलनेक’ जैसी समस्याओं का समाधान होता है. राजस्थान के टाइगर रिजर्व

