Alwar News: अलवर शहर के जेल चौराहे पर एक दर्दनाक घटना घटित हुई जब मत्स्य नगर डिपो की बस के नशे में धुत्त ड्राइवर ने रात करीब 10 बजे एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। इसके बाद बस में बैठी एक लड़की की आँख पर गंभीर चोट लगते-लगते बची। यात्रियों और कंडक्टर के शोर मचाने पर ड्राइवर ने बस रोकी, लेकिन मौका देखकर वह बस छोड़कर भाग गया।
घटना का विवरण
घटना के बारे में जानकारी देते हुए बस कंडक्टर राजकुमार ने बताया कि यह बस दिल्ली जाने वाली अंतिम बस थी जो तिजारा रूट पर रात 9:30 बजे रवाना हुई थी। इस बस के ड्राइवर का नाम भजनलाल था, जो अत्यधिक शराब के नशे में था। कंडक्टर ने इस बात की जानकारी डिपो में दी थी, लेकिन दूसरा ड्राइवर उपलब्ध न होने के कारण, उसे बस नंबर RJ 20 PB 2356 के साथ भेज दिया गया। बस अलवर शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रही थी जब जिला अस्पताल के पास पहली बार एक बाइक सवार बस की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। इसके बाद जेल चौराहे पर ड्राइवर ने फिर से एक बाइक सवार को टक्कर मारी।
बस के अंदर की स्थिति
टक्कर के बाद ड्राइवर ने बस के ब्रेक इतनी जोर से लगाए कि अलवर से भिवाड़ी जा रही एक लड़की, कोमल शर्मा, की आँख में चोट लग गई। कोमल को तुरंत अलवर शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। इस दौरान ड्राइवर भजनलाल ने मौका पाकर बस छोड़ दी और भाग गया।
सुबह से ही नशे में था ड्राइवर
कंडक्टर ने बताया कि भजनलाल इस रूट पर सुबह से ही बस चला रहा था और सुबह से ही नशे में था। उसने दिल्ली से निकलते समय दो कारों को भी टक्कर मारी थी। कंडक्टर ने इस बात की शिकायत भी की थी, लेकिन डिपो में कोई और ड्राइवर उपलब्ध न होने के कारण, उसे अंतिम बस के साथ भेजा गया। जेल चौराहे पर इस हादसे के बाद करीब 25 मिनट तक बस वहीं खड़ी रही। बाद में जब डिपो से दूसरा ड्राइवर आया, तब जाकर बस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
चिकित्सा सुविधा का अभाव
इस घटना में एक और गंभीर समस्या उजागर हुई। बस में आपातकालीन स्थिति के लिए कोई प्राथमिक चिकित्सा किट नहीं थी, जिससे घायल यात्रियों का तुरंत इलाज किया जा सके। यह एक बड़ी लापरवाही का संकेत है, जो किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पुलिस और प्रशासन का कदम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बस ड्राइवर भजनलाल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और ड्राइवर की तलाश जारी है। प्रशासन को इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
यात्री सुरक्षा की अनदेखी
यह घटना यात्री सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। नशे में धुत्त ड्राइवर को बस चलाने की अनुमति देना, न केवल कानून के उल्लंघन की बात है बल्कि यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ भी है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि यात्री सुरक्षा के लिए कड़े नियमों और उनके सही तरीके से पालन की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
अलवर की यह घटना न केवल एक गंभीर दुर्घटना है, बल्कि यह प्रशासन की कमजोरियों और यात्री सुरक्षा के प्रति अनदेखी का भी संकेत है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर किस तरह से एक नशे में धुत्त ड्राइवर को बस चलाने की अनुमति दी जा सकती है, और क्यों ऐसी बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं होती हैं? प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए यात्री सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।