जयपुर: राजधानी जयपुर के सांगानेर थाने में तैनात कांस्टेबल पर महिला ने होटल में ले जाकर तीन साल के बेटे के सामने दुष्कर्म का आरोप लगाया है. पीड़िता गर्भवती है. आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ सांगानेर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. इसकी जांच की जा रही है. जयपुर (पूर्व) डीसीपी तेजस्विनी गौतम ने आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है. मामले की जांच सांगानेर एसीपी विनोद कुमार शर्मा को सौंपी गई है.
सांगानेर एसीपी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि सांगानेर थाने में तैनात कांस्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया. उसके खिलाफ महिला ने शिकायत दी थी. अब मेडिकल बोर्ड से पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाना जाएगा. आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
डीसीपी को की शिकायत: पीड़िता ने डीसीपी तेजस्विनी गौतम को आपबीती बताई थी. पीड़िता ने शिकायत में बताया कि मारपीट के एक मामले में बयान दर्ज करवाने के बहाने कांस्टेबल ने उसे होटल में बुलाया, तब उसका तीन साल का बेटा साथ था. पीड़िता गर्भवती है.
बेटे के सामने दुष्कर्म : आरोपी ने होटल के कमरे में उसके बेटे के सामने ही दुष्कर्म किया. इसके बाद शनिवार रात सांगानेर थाने में कांस्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया. वहीं, रविवार को उसे निलंबित कर दिया गया है.
आलाधिकारियों की नजर: पूरे मामले पर डीसीपी व पुलिस के आलाधिकारी नजर बनाए हैं. जांच अधिकारी विनोद शर्मा का कहना है कि आरोपी कांस्टेबल एक महीने से सांगानेर थाने में तैनात है. उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है. पीड़िता का मेडिकल बोर्ड से मुआयना कराया जाएगा. पीड़िता की उम्र करीब 32 साल है. आरोपी कांस्टेबल की उम्र करीब 48 साल है.
गहलोत ने उठाए सवाल : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र सांगानेर में एक गर्भवती महिला के साथ पुलिस कांस्टेबल के द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा है.
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महिला दिवस के दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र की यह घटना राजस्थान में कानून व्यवस्था की दयनीय स्थिति बताती है. बेहद शर्मनाक है कि महिला दिवस के अवसर पर जब भाजपा सरकार आइफा अवॉर्ड्स की चकाचौंध में व्यस्त थी तब मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में एक दलित गर्भवती महिला के साथ एक पुलिसकर्मी ने 3 साल के बच्चे के सामने दुष्कर्म किया. आइफा का अपना महत्व है पर आमजन के सुरक्षा के साथ ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. आमोद प्रमोद के कार्यक्रम में जुटी हुई भाजपा सरकार के शासन में रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं. राज्य सरकार को इस आरोपी कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त करना चाहिए एवं इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर जल्द से जल्द सजा दिलवानी चाहिए. इस केस को एक नजीर बनाना चाहिए जिससे कि पुलिस द्वारा किए जाने वाले ऐसे अत्याचारों को रोका जा सके.
