पंजाब में आम आदमी पार्टी के एक विधायक ने मंगलवार को मोगा जिले और खास तौर पर अपने धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए कोई कदम न उठाए जाने को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ राज्य सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए आप विधायक देविंदरजीत सिंह लाडी ढोसे ने कहा कि उनकी सरकार ने धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र को एक भी स्वास्थ्य संबंधी परियोजना नहीं दी है।
ढोस ने कहा, “मोगा के साथ यह भेदभाव क्यों? क्या मोगा पंजाब का हिस्सा नहीं है? मुझे ऐसा लगता है कि हम पाकिस्तान में रह रहे हैं।”
विधायक का गुस्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के उस जवाब के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि धर्मकोट पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) को उप-मंडलीय अस्पताल में अपग्रेड करने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
मंत्री ने कहा कि पीएचसी आठ किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट ईसे खां के अधीन है। मंत्री ने कहा, “धर्मकोट में ट्रॉमा सेंटर खोलने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। पंजाब में पहले से ही पांच ट्रॉमा सेंटर चल रहे हैं… जालंधर, पठानकोट, खन्ना, फिरोजपुर और फाजिल्का में।” राज्य विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दौरान मंत्री के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि राज्य सरकार ने मोगा जिले के साथ “सौतेला व्यवहार” किया है। उन्होंने कहा, “हम भी पंजाब के निवासी हैं और हमारा जिला मोगा है। हमारी सरकार ने धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र को एक भी स्वास्थ्य संबंधी परियोजना नहीं दी है।
कोट ईसे खां सीएचसी में एमबीबीएस डॉक्टरों के आठ में से केवल दो पद ही भरे गए हैं। मोगा के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। पहले 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की गई थी, जिसमें से मोगा को केवल चार डॉक्टर दिए गए।
अब 255 एमबीबीएस डॉक्टरों में से केवल चार ही मोगा को दिए गए हैं। मलेरकोटला एक छोटा जिला है और वहां 28 एमबीबीएस डॉक्टर तैनात किए गए हैं, जबकि मोगा को केवल चार डॉक्टर दिए गए हैं।” यह पहली बार नहीं है जब भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार को राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को लेकर कटघरे में खड़ा किया गया है। इससे पहले शुतराणा से आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर ने भी राज्य में स्वास्थ्य सेवा पर चिंता जताते हुए कहा था कि वह पिछले दो सत्रों से अपने विधानसभा क्षेत्र के अस्पतालों के बारे में सवाल पेश कर रहे हैं, लेकिन सदन में उन पर विचार नहीं किया गया।
मोहाली विधायक कुलवंत सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से यह भी पूछा कि मोहाली के सेक्टर 69 में नई डिस्पेंसरी में स्टाफ की तैनाती और अन्य सुविधाएं कब तक उपलब्ध होंगी।
इस बीच, शाहकोट से कांग्रेस विधायक हरदेव सिंह लाडी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर आप सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, जिसमें राज्य में बेहतर स्वास्थ्य ढांचे की प्रशंसा की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सुविधाएं तभी मिल सकती हैं, जब अस्पतालों में डॉक्टर काम करें। मेरे निर्वाचन क्षेत्र शाहकोट के सरकारी अस्पताल, मेहलान सिविल अस्पताल और मेहलान पीआईसी में इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं है। दोपहर 2 या 3 बजे तक केवल एक एसएमओ या एक अन्य डॉक्टर मौजूद रहता है और उसके बाद कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होता। मैं अनुरोध करता हूं कि इन अस्पतालों में रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि गरीबों को वहां इलाज मिल सके।”
