जब से टेस्ला के भारतीय बाजार में प्रवेश की खबर इंटरनेट पर साझा की गई है, इसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हलचल मचा दी है। कई सालों की अफवाहों, अटकलों और रिपोर्टों के बाद आखिरकार यह हो रहा है। अमेरिका स्थित ईवी दिग्गज जल्द ही मुंबई और दिल्ली में शोरूम खोलने की योजना के साथ देश में प्रवेश करने के लिए तैयार है।
ईवी निर्माता के प्रवेश से न केवल घरेलू ब्रांडों बल्कि अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं पर भी दबदबा बनने की उम्मीद है। हालांकि, देश में कुछ ईवी निर्माताओं से कंपनी को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है क्योंकि ये ब्रांड दशकों के अनुभव के साथ उद्योग पर राज कर रहे हैं। आइए शीर्ष दावेदारों पर एक नज़र डालते हैं।
टाटा मोटर्स
घरेलू कार निर्माता टाटा मोटर कई सालों से इलेक्ट्रिक और ICE दोनों सेगमेंट पर राज कर रही है। कंपनी ने अपने कुछ अत्याधुनिक उत्पादों जैसे नेक्सन, टिगोर, पंच और हाल ही में लॉन्च किए गए कर्व के साथ इलेक्ट्रिक सेगमेंट पर सफलतापूर्वक अपना दबदबा बनाया है। कंपनी का लक्ष्य इस सेगमेंट में अविन्या नामक एक फ्यूचरिस्टिक मॉडल जोड़ना है, जो उन्हें खेल में शीर्ष पर बने रहने में मदद करेगा।
कंपनी केवल वाहनों के लिए स्थानीय रूप से उत्पादित बैटरियों पर ध्यान केंद्रित करती है, जो उन्हें मॉडलों के लिए उचित मूल्य सीमा के तहत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने में मदद करती है। बताया गया है कि टाटा मोटर्स देश में बैटरी गीगाफैक्ट्री में 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है, जिसके अगले साल उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
महिंद्रा
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में उच्च मांग और सरकार से मिले प्रोत्साहन को देखते हुए, महिंद्रा ने अपनी ईवी लाइनअप का विस्तार करना शुरू कर दिया है। कंपनी को न केवल नवीनतम पेशकश (XEV 9e और BE 6) से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है, बल्कि उसने आने वाले वर्षों में नए बैटरी-संचालित मॉडल पेश करने की योजना की भी घोषणा की है।
बताया गया है कि कंपनी के पास आने वाले वर्षों के लिए कुछ और उत्पाद लाइनअप हैं। इससे टेस्ला को देश में ईवी व्यवसाय पर कब्ज़ा करने के लिए कड़ी टक्कर मिल सकती है।
JSW MG मोटर
ZS EV और फीचर लोडेड कॉमेट के लॉन्च के साथ, MG देश में अपने EV संचालन को सफलतापूर्वक स्थिर करने में सक्षम रही। ब्रांड को इन उत्पादों के लिए अच्छी बिक्री के आंकड़े मिल रहे हैं, जिसका श्रेय प्रतिस्पर्धी मूल्य सीमा को जाता है।
कंपनी के पास स्थानीय स्तर पर विनिर्माण करने की योजना है, जिससे मॉडलों की कीमतें कम होंगी। यह रणनीति निश्चित रूप से भविष्य में टेस्ला के लिए एक कठिन चुनौती होगी।
हुंडई
बड़े पैमाने पर बाजार पर कब्जा करने के लिए, दक्षिण कोरियाई ब्रांड हाल ही में बहुत प्रयास कर रहा है। कंपनी अब देश में स्थानीय रूप से निर्मित ईवी पेश कर रही है, जिसका लक्ष्य नए ग्राहकों को आकर्षित करना और उचित मूल्य सीमा के तहत वाहन पेश करना है।
टेस्ला कब कारोबार शुरू करेगी?
इस बीच, भारत में टेस्ला का प्रवेश निश्चित रूप से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अप्रैल 2025 में कहीं भी कारोबार शुरू कर सकती है, जिससे ग्राहक अपने बर्लिन प्लांट से आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों का आनंद ले सकेंगे।
