उस समय भारत में हृदय रोगों के ऊपर कितना गंभीर चिंतन करने का काम आचार्य चरक सुश्रुत व वाग्भट ने किया है कुछ उदाहरण आपके सामने प्रस्तुत हैं
जो उन्होंने हजारों साल पहले लिखा वह आज भी पूरी तरह से वैज्ञानिक है प्रासंगिक है और प्रामाणिक है साथ ही इसके ऊपर एक रिसर्च करें या एक लाख रिसर्च करें
यह पूरी तरह से शाश्वत है
1. आहार और पोषण
सूत्र (चरक संहिता):
“हितभुक् मितभुक् ऋतभुक् च” – हितकर, संतुलित और मौसम के अनुसार भोजन करें।
आधुनिक रिसर्च:
DASH और Mediterranean डाइट हृदय रोगों को 40% तक कम कर सकती हैं। (The Lancet, 2024)
साबुत अनाज, फल, सब्जियां और हेल्दी फैट (ओमेगा-3) का सेवन हृदय के लिए लाभदायक है।
2. हृदय को मजबूत करने वाले आयुर्वेदिक और आधुनिक तत्व
सूत्र (चरक संहिता):
“अर्जुनं हृदयस्य रक्षणाय श्रेष्ठं” – अर्जुन की छाल हृदय रोगों में लाभदायक है।
आधुनिक रिसर्च:
अर्जुन में कोएंजाइम Q10 जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो हार्ट मसल्स को मजबूत करते हैं। (Journal of Ethnopharmacology, 2023)
ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन D हृदय धमनियों को लचीला बनाए रखते हैं।
3. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
सूत्र (सुश्रुत संहिता):
“मधुरं स्निग्धं सात्म्यं च हृदयाय हितं” – मीठे, स्निग्ध (गुड फैट युक्त) और सुपाच्य भोजन हृदय के लिए लाभकारी हैं।
आधुनिक रिसर्च:
नट्स, बीन्स और फाइबर युक्त आहार LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को 20% तक कम करता है। (American Heart Association, 2024)
हल्दी और अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं।
4. मानसिक तनाव और हृदय स्वास्थ्य
सूत्र (अष्टांग हृदयम्):
“चित्त प्रसादनं हृदयं रक्षति” – मानसिक शांति हृदय के लिए आवश्यक है।
आधुनिक रिसर्च:
ध्यान (Meditation) और योग से ब्लड प्रेशर 15-20 mmHg तक कम हो सकता है। (Harvard Medical School, 2023)
रोजाना 7 घंटे की नींद हृदय रोगों के खतरे को 30% तक घटा सकती है।
5. व्यायाम और दिनचर्या
सूत्र (योगसूत्र):
“वायुप्रवाहो नियतः हृदयं बलं प्रददाति” – नियंत्रित श्वसन (प्राणायाम) हृदय को बल प्रदान करता है।
आधुनिक रिसर्च:
30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या कार्डियो एक्सरसाइज हृदय रोगों के खतरे को 50% तक कम कर सकती है। (World Health Organization, 2024)
अनुलोम-विलोम प्राणायाम से ब्लड प्रेशर और हृदय गति नियंत्रित रहती है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा मिलकर हृदय रोगों की रोकथाम और उपचार में प्रभावी हो सकते हैं।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां (अर्जुन, गुडूची, हल्दी) + वैज्ञानिक डाइट (ओमेगा-3, फाइबर, हेल्दी फैट) + योग और एक्सरसाइज = हृदय का संपूर्ण स्वास्थ्य।
Rakesh Bharat
