Haryana Assembly Elections के लिए कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI(M)) ने मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। कांग्रेस ने CPI(M) को भिवानी सीट दी है, जहां से ओम प्रकाश को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा, कांग्रेस ने नामांकन की अंतिम तिथि पर उकलाना से नरेश सेलवाल, नारनौंद से जसबीर सिंह और सोहना से रोहताश खटाना को उम्मीदवार घोषित किया है। अब कांग्रेस ने सभी 90 उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है।
रात के समय पांच उम्मीदवारों की सूची जारी
कांग्रेस ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए चौथी और पांचवी सूची जारी की। रात के समय पांच और उम्मीदवारों की सूची जारी की गई, जिसमें अंबाला कैंट से परिमल पारी, पानीपत ग्रामीण से सचिन कुंडू, रानिया से सर्व मित्रा कंबोज, नारवाना से सतबीर डब्लेन और तिगांव से रोहित नागर को उम्मीदवार बनाया गया है।
उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया
पार्टी द्वारा उम्मीदवारों के चयन के लिए काफी मंथन किया गया। विकास सहारण को कलायत से टिकट दिया गया है। आदित्य सुरजेवाला को कैथल से टिकट मिला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन को पंचकुला से टिकट मिला है। चंद्रमोहन पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के पुत्र हैं, और उनके भतीजे भव्य बिश्नोई भाजपा टिकट पर आदमपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।
नारनौंद में जसबीर सिंह
- नाम: जसबीर सिंह उर्फ जसी पटवार
- उम्र: 35 वर्ष
- शिक्षा: स्नातक
- पेशा: कृषि
जसबीर सिंह की यह दूसरी चुनावी लड़ाई है। उन्होंने 2019 में INLD पार्टी से चुनाव लड़ा था और 4599 वोट प्राप्त किए थे। वे INLD युवा मोर्चा के राज्य अध्यक्ष रहे हैं। 2020 से, वे राज्य युवा कांग्रेस के महासचिव और कांग्रेस में सोशल मीडिया के राज्य समन्वयक हैं। उन्हें नारनौंद विधानसभा क्षेत्र में चार और आधे साल से लगातार काम करने और किसान परिवार से होने के कारण टिकट दिया गया है। उनकी साफ छवि और युवा मतदाताओं पर अच्छी पकड़ भी उनकी नियुक्ति का कारण रही है।
भिवानी से ओम प्रकाश
65 वर्षीय ओम प्रकाश ने 2014 में UCO बैंक के मुख्य प्रबंधक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। वे भिवानी और दादरी जिलों में किसानों के आंदोलन के अग्रणी थे और 13 महीनों तक इस आंदोलन में शामिल रहे। उन्होंने CPI(M) और वामपंथी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में अपने नामांकन की प्रक्रिया पूरी की है।
चुनाव की तैयारी और रणनीतियाँ
कांग्रेस और CPI(M) के इस गठबंधन ने हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचा दी है। दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनावी रणनीतियाँ तैयार कर रही हैं, जिससे उनके समर्थक और उम्मीदवारों को अधिकतम लाभ मिल सके। कांग्रेस ने विभिन्न क्षेत्रों में उम्मीदवारों की एक मजबूत टीम खड़ी की है और CPI(M) के साथ मिलकर चुनावी समर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
इस गठबंधन की सफलता या असफलता आगामी चुनाव परिणामों पर निर्भर करेगी, लेकिन इसने हरियाणा के राजनीतिक माहौल को नया मोड़ दिया है। कांग्रेस और CPI(M) का यह सहयोग उनकी चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके परिणामस्वरूप हरियाणा के चुनावी परिदृश्य में बड़े बदलाव की संभावना है।
निष्कर्ष
हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और CPI(M) के इस गठबंधन ने राजनीतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों दलों ने मिलकर उम्मीदवारों की सूची घोषित की है और चुनावी मैदान में उतरने की पूरी तैयारी की है। यह गठबंधन दर्शाता है कि राजनीतिक पार्टियाँ सहयोग और समझौते के माध्यम से चुनावी सफलता प्राप्त करने की कोशिश कर रही हैं। चुनावी प्रक्रिया में आगे क्या होता है, यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन इस गठबंधन ने हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य को निश्चित रूप से बदल दिया है।
