अब तक ड्रोन का इस्तेमाल आमतौर पर कई हवाई हमलों के लिए किया जाता रहा है मगर रूस यूक्रेन युद्ध ने साबित कर दिया है कि ड्रोन सिर्फ हवा में ही नहीं, बल्कि ज़मीन और पानी पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. दरअसल यूक्रेन ने अपने युद्ध रणनीति में लैंड ड्रोन (जमीनी ड्रोन) का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया है. ये छोटे, तेज़ और बेहद खतरनाक होते हैं.
युद्ध के दौरान टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लगातार बदलता रहा है. मगर तीन साल से चल रहे रूस यूक्रेन युद्ध में ड्रोन तकनीक का जो रूप देखने को मिल रहा है, वह भविष्य के युद्धों की एक नई झलक पेश करता है. ठीक वैसे ही जैसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना के लिए जीप एक बड़ी क्रांति साबित हुई थी.
अब तक ड्रोन का इस्तेमाल आमतौर पर कई हवाई हमलों के लिए किया जाता रहा है मगर इस युद्ध ने साबित कर दिया है कि ड्रोन सिर्फ हवा में ही नहीं, बल्कि ज़मीन और पानी पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. दरअसल यूक्रेन ने अपने युद्ध रणनीति में लैंड ड्रोन (जमीनी ड्रोन) का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया है. ये छोटे, तेज़ और बेहद खतरनाक होते हैं. डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं. इनमें से कुछ हमले के लिए हैं, तो कुछ सैनिकों के लिए रसद पहुंचाने का काम करते हैं.
रोबो डॉग के सामने बेबस रूसी सैनिक
इन लैंड ड्रोन में सबसे चर्चित है रोबो डॉग. यह दिखने में उन रोबोटिक कुत्तों की तरह है, जिन्हें अमेरिका में पुलिस की तरफ से संदिग्धों को काबू करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा, कई ऐसे छोटे पहियों वाले ड्रोन भी हैं, जो दिखने में किसी आरसी ट्रक या बैटल बॉट्स जैसे लगते हैं. ये ड्रोन दुश्मन के इलाके में जाकर बम प्लांट कर सकते हैं, भारी मशीन गन से फायर कर सकते हैं और दुश्मन के टैंकों को नुकसान पहुंचाने के लिए लैंडमाइन भी बिछा सकते हैं.
एक और दिलचस्प इस्तेमाल इन ड्रोन का रसद पहुंचाने में हो रहा है. आमतौर पर राशन पहुंचाने के लिए सैनिकों को पारंपरिक ट्रकों या काफिलों का सहारा लेना पड़ता है, जो आसानी से दुश्मनों की नजर में आ जाते हैं. लेकिन ये छोटे और तेज़ गति वाले ड्रोन बिना किसी मानव हताहत के भोजन, पानी, गोला-बारूद और अन्य जरूरी सामान सैनिकों तक पहुंचा रहे हैं.
उबड़-खाबड़ जगहों पर भी बेहतर प्रदर्शन
कुछ ड्रोन में आधुनिक एयरलेस टायर भी लगे हुए हैं, जिन्हें मिशेलिन जैसी कंपनियों ने विकसित किया है. ये टायर उबड़-खाबड़ सतह पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं और युद्ध में मशीनों की गतिशीलता को बढ़ाते हैं. यूक्रेनी सेना ने न केवल अत्याधुनिक ड्रोन विकसित किए हैं, बल्कि पुराने उपकरणों को मॉडिफाई कर नए घातक हथियार भी बनाए हैं. उदाहरण के लिए, उन्होंने टेस्ला के कुछ हिस्सों, टोयोटा मिराई की फ्यूल सेल और सी-4 विस्फोटक को मिलाकर एक शक्तिशाली मोबाइल बम तैयार किया, जिससे रूसी सेना भी बेबस नजर आ रही है.
