केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अलगाववादी समूहों हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है।
इस घटनाक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “बड़ी जीत” बताते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों ने “जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को बाहर निकाल दिया है”।
अमित शाह ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, “कश्मीर में अलगाववाद इतिहास बन गया है। मोदी सरकार की एकीकरण नीतियों ने अलगाववाद को जम्मू-कश्मीर से बाहर निकाल दिया है।”
उन्होंने कहा, “हुर्रियत के दो संगठनों, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है।” शाह ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं भारत की एकता को मजबूत करने की दिशा में इस कदम का स्वागत करता हूं और ऐसे सभी समूहों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं और अलगाववाद को हमेशा के लिए त्याग दें। यह प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकसित, शांतिपूर्ण और एकीकृत भारत के निर्माण के दृष्टिकोण की एक बड़ी जीत है।”
यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा मीरवाइज उमर फारूक की अध्यक्षता वाली अवामी एक्शन कमेटी (एसीसी) पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद हुआ है। एमएचए ने मौलवी मसरूर अब्बास अंसारी की अध्यक्षता वाली जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुस्लिमीन (जेकेआईएम) पर भी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ये संगठन लोगों को कानून-व्यवस्था को बाधित करने के लिए उकसा रहे हैं, जिससे देश की एकता और अखंडता को खतरा है।
